खराब सेक्सुअल हेल्थ से भी बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा
खराब सेक्सुअल हेल्थ से भी बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा
सेक्सकॉन-2026 में विशेषज्ञों ने कहा—मोटापा, डायबिटीज, बीपी और तनाव का यौन स्वास्थ्य पर भी असर
जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में चल रही तीन दिवसीय सेक्सकॉन-2026 कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने पुरुषों के यौन स्वास्थ्य और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि खराब सेक्सुअल हेल्थ कई बार शरीर में मौजूद अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है। मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और हृदय संबंधी जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली से आए सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. राजीव सूद ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में पुरुषों की फर्टिलिटी और स्पर्म काउंट में गिरावट देखी गई है। बदलती जीवनशैली, मोटापा और पोषण की कमी के साथ डायबिटीज जैसी बीमारियां इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के साथ ओवरऑल हेल्थ और जीवन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है।
डायबिटीज, मोटापा और बीपी से बढ़ सकता है खतरा
जयपुर के डॉ. प्रशुम्न शर्मा ने बताया कि कम उम्र में होने वाले हार्ट अटैक के खतरे को पहचानने में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन शुरुआती संकेत हो सकता है। डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, अधिक कमर और पारिवारिक हृदय रोग के इतिहास वाले पुरुषों में यौन स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को भी चिकित्सकीय जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। जरूरत के अनुसार ईसीजी, हार्ट रिस्क फैक्टर्स की जांच और कार्डियोलॉजिस्ट का मूल्यांकन कराया जा सकता है।
मेनोपॉज के बाद भी सामान्य रह सकती है सेक्सुअल लाइफ
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. लीला व्यास ने बताया कि मेनोपॉज के बाद महिलाओं में सेक्सुअल हेल्थ के साथ हड्डियों, लिपिड प्रोफाइल और मेटाबॉलिज्म में भी बदलाव आते हैं। कुछ समस्याओं पर महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पातीं, इसलिए इन्हें सामान्य स्वास्थ्य परामर्श का हिस्सा बनाना जरूरी है।
आयोजन सचिव डॉ. जली अरोड़ा ने कहा कि सेक्सुअल हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। डायबिटीज, बीपी, मोटापा, कैंसर, डायलिसिस और मानसिक स्वास्थ्य जैसी स्थितियां भी सेक्सुअल हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में मरीज की समस्या को केवल यौन समस्या मानने के बजाय उसके संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच और उचित काउंसलिंग पर ध्यान देना चाहिए।


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