अनशन के छठे दिन लक्ष्मी तंवर की तबीयत बिगड़ी

 अनशन के छठे दिन लक्ष्मी तंवर की तबीयत बिगड़ी, सरकार की चुप्पी पर राष्ट्रीय करणी सेना का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान



यूरिन में कीटोन 3+, बार-बार गिर रहा ब्लड शुगर; 25 अक्टूबर को विद्याधर नगर स्टेडियम में सवर्ण आक्रोश सभा, विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन



जयपुर। सवर्ण समाज की मांगों को लेकर राष्ट्रीय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर का अनिश्चितकालीन अनशन छठे दिन गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। मेडिकल जांच में यूरिन में कीटोन बॉडीज का स्तर 3+ मिलने, बार-बार ब्लड शुगर गिरने और शरीर में पानी की कमी से इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन की स्थिति सामने आई है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा। राष्ट्रीय करणी सेना ने सरकार की अनदेखी पर आक्रोश जताते हुए आंदोलन को देशव्यापी विस्तार देने की चेतावनी दी है।

राष्ट्रीय करणी सेना भवन पर अनशन कर रही लक्ष्मी तंवर की मेडिकल टीम सुबह-शाम निगरानी कर रही है। डॉ. राजेंद्र यादव, एमडी मेडिसिन, डॉ. कुलदीप सिंह, पीडियाट्रिशियन सहित मेडिकल स्टाफ नियमित जांच कर रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत के अनुसार, ब्लड शुगर बार-बार कम होने के कारण उन्हें फ्लूइड देना पड़ रहा है। स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बावजूद लक्ष्मी तंवर अनशन जारी रखने पर अडिग हैं।


सरकार की चुप्पी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

शिव सिंह शेखावत ने कहा कि सवर्ण समाज की मांगों को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई। अनशन पर बैठी महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, इसके बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को राजस्थान से बाहर देशभर में फैलाया जाएगा।

25 अक्टूबर को विद्याधर नगर स्टेडियम में आक्रोश सभा

राष्ट्रीय करणी सेना के नेतृत्व में रविवार, 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे विद्याधर नगर स्टेडियम में सवर्ण आक्रोश सभा आयोजित होगी। सभा में आरक्षण व्यवस्था में सुधार, यूजीसी नियमों की वापसी, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, ईडब्ल्यूएस प्रावधानों के सरलीकरण और सवर्ण आयोग के गठन की मांग उठाई जाएगी।

संगठन का कहना है कि देश के विभिन्न राज्यों से सवर्ण समाज और सर्व समाज के हजारों लोग सभा में पहुंचकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी सरकार से इन मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने की मांग करेंगे।

सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन

आंदोलन और सवर्ण आक्रोश सभा के समर्थन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी सामने आए हैं। अग्रवाल समाज के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अग्रवाल, खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष रमेश तुंगावाला, विप्र समाज के अध्यक्ष सुनील उदेईया तथा परशुराम सेना से एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी ने सभा को समर्थन दिया है।

राष्ट्रीय करणी सेना भवन पर आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, हरियाणा से ओकेन्द्र राणा, उत्तर प्रदेश से वीरू सिंह सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधि भी सभा में शामिल होकर मांगों के समर्थन में अपनी बात रखेंगे।

छह मांगों पर सरकार से आर-पार की लड़ाई

राष्ट्रीय करणी सेना ने आंदोलन के तहत छह प्रमुख मांगें रखी हैं—

आरक्षण व्यवस्था में सुधार।

यूजीसी नियमों की वापसी।

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन।

गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करना।

ईडब्ल्यूएस प्रावधानों का सरलीकरण।

सवर्ण आयोग का गठन।

शिव सिंह शेखावत ने कहा कि मांगों पर समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि 25 अक्टूबर की सभा में सरकार के सामने समाज की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।

अनशन के दौरान लक्ष्मी तंवर की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और सरकार की चुप्पी के बीच 25 अक्टूबर की सभा को आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। राष्ट्रीय करणी सेना ने मांगों पर ठोस पहल होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।

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