आयुक्त पवन अरोड़ा की उपलब्धियों ने चौंकाया रियल एस्टेट के पंडितों को

 राजस्थान आवासन मण्डल का लेखा-जोखा


कोरोना महामारी के बावजूद मंडल ने किया 10 हजार से अधिक सम्पत्तियों का निस्तारण 

8164 आवासीय सम्पत्तियां और 1840 व्यावसायिक सम्पत्तियों का निस्तारण

अर्जित किया रिकॉर्ड 2 हजार 621 करोड़ रूपये का राजस्व  


मंडल की स्थापना से लेकर आज तक 18 माह की अल्पावधि में सर्वाधिक राजस्व अर्जन का रिकॉर्ड

वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में भी मंडल ने लगाया राजस्व अर्जन का शतक 

फरवरी-मार्च महीने में भी सम्पत्तियों के विक्रय का बनाया पंचशतक  

अंतिम 2 माह में 596 सम्पत्तियां विक्रय कर अर्जित किया 145 करोड़ रूपये का राजस्व 

आयुक्त पवन अरोड़ा की उपलब्धियों ने चौंकाया रियल एस्टेट के पंडितों को


फरवरी-मार्च में बुधवार नीलामी उत्सव के तहत 570 सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 63 करोड़ 27 लाख रूपये का राजस्व 

मार्च माह में 26 प्रीमियम सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 81 करोड़ 65 लाख रूपये का राजस्व

जयपुर, 1 अप्रेल। आवासन आयुक्त  पवन अरोड़ा ने बताया कि कोरोना महामारी से पैदा हुई विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आवासन मण्डल ने 18 माह की अल्पावधि में अभी तक का सर्वाधिक 2 हजार 621 करोड़ रूपये का सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया है। इस दौरान 8,164 आवासीय सम्पत्तियों और 1840 व्यावसायिक सम्पत्तियों सहित कुल 10 हजार से अधिक सम्पत्तियों का निस्तारण किया गया। 


उन्होंने बताया कि इसी तरह वित्तीय वर्ष 2020-21 के अंतिम 2 माह में आवासन मंडल ने अपने ही सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 596 सम्पत्तियों का विक्रय कर 145 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। इसमें बुधवार नीलामी उत्सव में 570 सम्पत्तियों के विक्रय से 63 करोड़ 27 लाख रूपये का राजस्व मिला, तो वहीं 26 प्रीमियम सम्पत्तियों के विक्रय से 81 करोड़ 65 लाख रूपये का राजस्व मिला।


आयुक्त ने बताया कि आवासन मंडल की सम्पत्तियां खरीदने में लोगों का उत्साह बरकरार है। बुधवार नीलामी उत्सव ई-बिड सबमिशन में जहां लोगों को आवासीय सम्पत्तियां 50 प्रतिशत तक की छूट पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं अपनी दुकान-अपना व्यवसाय योजना में दुकानें और व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंडल की सम्पत्तियांे के विक्रय की पारदर्शी व्यवस्था होने और बाजार भाव से कम कीमत पर बेचने की वजह से खरीददार बढ़-चढ़कर सम्पत्तियां क्रय कर रहे हैं। इसी तरह प्रीमियम सम्पत्तियों को खरीदने के लिए लोग निर्धारित बोली मूल्य से दो से तीन गुना भाव पर बोली लगा रहे हैं। मंडल द्वारा जयपुर में विकसित किए जा रहे आरएचबी आतिश मार्केट, मानसरोवर और आयुष मार्केट, प्रताप नगर में अभी तक सभी सम्पत्तियों का दो से तीन गुना भाव पर ऑक्शन हुआ है। 


 अरोड़ा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के फरवरी व मार्च माह में जयपुर वृत्त प्रथम, द्वितीय और तृतीय में 70 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 11 करोड़ 74 लाख रूपये का राजस्व मिला, जोधपुर वृत्त प्रथम और द्वितीय में 82 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 8 करोड़ 18 लाख रूपये का राजस्व मिला, कोटा वृत्त में 51 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 4 करोड़ 5 लाख रूपये का राजस्व मिला, बीकानेर वृत्त में 162 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 14 करोड 83 लाख रूपये का राजस्व मिला, उदयपुर वृत्त में 116 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 13 करोड 65 लाख रूपये का राजस्व मिला और अलवर वृत्त में 89 सम्पत्तियां बिकी, जिससे मण्डल को 10 करोड़ 82 लाख रूपये का राजस्व मिला।

26 प्रीमियम सम्पत्तियों के विक्रय से मिला 81 करोड़ 65 लाख रूपये का राजस्व 

आयुक्त ने बताया कि मंडल द्वारा मार्च महीने में जयपुर के प्रताप नगर, इंदिरा गांधी नगर, ज्योति नगर सहित दौसा, बीकानेर, कोटा और बारां की आवासीय सम्पत्तियां, जयपुर के प्रताप नगर और मानसरोवर योजना में स्थित 26 व्यावसायिक सम्पत्तियों को ई-ऑक्शन के माध्यम से विक्रय किया गया। इन सम्पत्तियों के विक्रय से मंडल को 81 करोड़ 65 लाख रूपये का राजस्व मिला। इनमें मानसरोवर स्थित आतिश मार्केट और प्रताप नगर स्थित आयुष मार्केट योजना में तो दो से तीन गुना कीमत पर व्यावसायिक भूखंड बिके। 

गत एक वर्ष में सर्वाधिक 2 हजार 621 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जन

आवासन आयुक्त  पवन अरोड़ा ने बताया कि मंडल द्वारा कोरोना की वजह से उत्पन्न हुई विपरीत परिस्थितियों और लॉकडाउन के बावजूद मंडल द्वारा सितम्बर, 2019 से 31 मार्च, 2021 तक मात्र 18 माह की अल्पावधि में रिकॉर्ड 2 हजार 621 करोड़ रूपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। मंडल ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक 50 वर्षों में इतना रिकॉर्ड राजस्व अर्जित नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि आवासीय सम्पत्तियों के विक्रय से 1384 करोड़ रूपये, व्यावसायिक सम्पत्तियों के विक्रय से 749 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। उल्लेखनीय है कि इन सभी सम्पत्तियों का विक्रय इस वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन किया गया। इसके अतिरिक्त मासिक किश्तों, लीज मनी और ब्याज आदि से लगभग 488 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया।

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